यह उत्सव , महोत्सव अपने जीवन में परिवर्तन लाने के लिए हैं

प.पू. शासनप्रभावक तपगछाधिपती आचार्य श्री वि. प्रेम सूरिश्वर जी महाराज साहब के शिष्यरतन  आचार्य श्री शांतिचंद्र सूरिश्वर जी महाराज तथा शासनप्रभावक प.पू.आ. श्री कुलचंद्रसूरिश्वर जी (k.c) म.सा. आदि अनेकों साधु भगवंतो की पावन निश्रा में  टेम्बि नगर थाना वेस्ट में श्री मुनीसुव्रत जिनालय तथा श्री आदिनाथ जिनालय के ध्वजारोहण के सुंदर अवसर पर भव्य रथयात्रा का आयोजन हुआ।

रथ यात्रा में अनेकों भक्तजनों , लाभार्थी परिवारों तथा जनसाधारण की भारी संख्या में उपस्थिति थी।

प्रात 9:30 बजे रथ यात्रा टेम्बि नगर से शुरू होकर थाना के विविध राजमार्गों पर घूमती हुई आदिनाथ जिनालय में परिपूर्ण हुई।

तत्पश्चात  पूज्य श्री ने प्रवचन में फरमाया कि यह सब जिनशासन के अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट विधान है। यह रथयात्रा के प्रभाव से ही जिन शासन को सम्राट संप्रति की भेंट मिली है , जिन्होंने सबसे अधिक संख्या में जिन शासन में जिनालय तथा जिन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की है।

पू.आ.श्री भक्तिसूरिश्वर जी म.सा. के अंतिम समय में उनके शिष्य आचार्य श्री वि. प्रेम सूरिश्वर जी महाराज  तथा आचार्य  श्री सुबोधसूरिश्वरसुरि जी  महाराज ने अंतिम इच्छा पूछी तो उन्होंने फरमाया की 108 ध्वजा लहराए ऐसा करो। उसी भावना के प्रभाव स्वरूप आज विश्व का सबसे विशाल श्री  108 पाश्र्वनाथ भक्ति विहार धाम जिनालय का निर्माण हुआ ऐसे ध्वजा का भी बहुत महत्व है इन दोनों जिनालय की ध्वजा का अवसर आपको मिला है इसे सफल बना ले।

यह उत्सव , महोत्सव अपने जीवन में परिवर्तन लाने के लिए हैं इसलिए इनसे अपना जीवन सफल बने एसा प्रयत्न करे। 

श्री आदिनाथ जिनालय की रजत जयंती अवसर स्वरूप 25वीं ध्वजारोहन प्रात  8:00 बजे होगी।  तत्पश्चात  शाहिकार्वो ओर तत्पश्चात लघु शांतिसनात्र का आयोजन होगा।

पूज्य श्री 16 फरवरी तथा 17 फरवरी घाटकोपर सुधा पार्क में पधारेंगे तथा 17 फरवरी को प्रातः प्रवचन के लिए हीगवाला लेंन उपाश्रय में पधारेंगे